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ज्येष्ठ (Jyestha)

वटसावित्री

ज्येष्ठ

ज्येष्ठ मास हिन्दू पंचांग का तीसरा मास होता है, ज्येष्ठ मास अंग्रेजी कैलेंडर के मई या जून महीने  में प्रारंभ होता है | इसका प्रारंभ बुद्ध-पूर्णिमा के अगले दिन से होता है |

ज्येष्ठमास के त्यौहार

वट-सावित्री-अमावस, शनि जयंती, गंगा-दशहरा

ज्येष्ठमास में जन्में जातक

इस मास में जन्म लिए हुए जातक शांत प्रकृति के होते हैं, शिष्टाचार इनकी पहचान होती है |

यह व्यवहार कुशल होते हैं परन्तु इनका स्वाभाव अस्थिर होता है |

यह श्रम करने में विश्वास नहीं रखते अर्थात मेहनत से जी चुराते हैं |

इनके चरित्र में भी विषमता पायी जाती है |

यह धन कमाने में सिद्धहस्त होते है |

जीवन के प्रारंभ में इन्हें कुछ आर्थिक कष्ट होता है पर बाद में आर्थिक स्थिति में सुधार आ जाता है |

25 वर्ष की आयु के बाद यह धन कमाना आरम्भ कर देते हैं तथा 28 वर्ष के बाद इनका भाग्योदय होता है |

मित्रों की संख्या कम होती है और दीर्घजीवी होते हैं |

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