भैरव अवतार
- 01 February 2015
रुद्राभिषेक अर्थात रूद्र का अभिषेक शिव जी अभिषेक करना परम कल्याणकारी है, कलियुग में शिव जी को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम उपाय है रुद्राभिषेक | वैसे तो रुद्राभिषेक किसी भी दिन किया जा सकता है परन्तु त्रियोदशी तिथि और सोमवार को इसको करना परम कल्याण कारी है | श्रावण मास में किसी भी दिन किया गया रुद्राभिषेक अद्भुत व् शीघ्र फल प्रदान करता है | रुद्राभिषेक अनेक पदार्थों से किया जाता है और हर पदार्थ से किया गया रुद्राभिषेक अलग फल देने में सक्षम है |
आप अपनी मनोकामना अनुसार रुद्राभिषेक कर के फल की प्राप्ति कर सकते है | रुद्राभिषेक रुद्र-अष्टाध्यायी नामक पुस्तक के मंत्रो से किया जाता है ये सभी मंत्र यजुर्वेद के मंत्रो से निकाले गये है ।
विविध कामनाओं की पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक में अन्यान्य द्रव्यों से करने का निर्देश किया गया है।
विभिन्न द्रव्यों के अभिषेक से असंभव भी संभव हो जाता है। शिवभक्तों को यजुर्वेद मंत्रों के विधि विधान से रुद्राभिषेक करना चाहिए। असमर्थ व्यक्ति को ऊं नम: शिवाय का जाप करते हुए रुद्राभिषेक करना चाहिए। रुद्रा-अभिषेक अद्भुत कल्याणक़ारी है, जो भी शुद्ध मन से शिव का रुद्राभिषेक करता है, शिव उसको मनचाहा वरदान देते है ।
संपूर्ण रुद्राभिषेक स्पष्ट उच्चारण में