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अष्टगंध
कर्मकांड और यन्त्र लेखन में अष्टगंध के प्रयोग हर जगह मिलता है, परन्तु बहुत कम लोग ही जानते है अष्टगंध किसे कहते है ?
यह कितने प्रकार की होती है ?
कौन सी अष्टगंध को कहाँ प्रयोग करना है ?

सामान्यतः अष्टगंध के तीन प्रचलित प्रकार होते हैं

शारदा तिलक के अनुसार

चन्दनागुरुकर्पूरतमालजलकंकुमम् |
कुशीतं कुष्ठसंयुक्त शैव गंधाष्टकं विदुः || 

1. चन्दन
2. अगुरु
3. कर्पूर
4. तमाल
5. जल
6. कंकु
7. कुशीत
8. कुष्ट

उपरोक्त आठ पदार्थों को मिला कर जो अष्टगंध  तैयार होता है, यह अष्टगंध शैव संप्रदाय (शिव पूजन ) वालों को ही प्रिय होता है |

 

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अष्टगंध

यह जानकारी आपको कैसी लगी ?
अवश्य बताएं........

ज्योतिषाचार्य अमित बहोरे

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