Astrological Prediction on Australia Vs Srilanka Group A
- 05 March 2011
जैसा मैंने अपने पिछले ब्लॉग "अगला भूकंप कब आएगा ? " में लिखा था कि आने वाले डेढ़ वर्ष प्रकृति अपने को संतुलित करेगी जिस कारण से बड़ी जन-हानि का योग बन रहा है | कई मित्रों ने मेरी पिछले ब्लॉग की भविष्वाणी सत्य होने के बाद अनेक प्रश्न किये, जितनों का उत्तर मैं ढूढ पाया उनका उत्तर दे रहा हूँ और आगे की खोज भी जारी है जैसे ही कुछ और शोध किया उसको आपके सामने प्रस्तुत करूँगा | प्रश्न : क्या आप बता सकते हैं कि अगले भूकंप का केंद्र क्या होगा ? कौन-कौन सा देश इस चपेट में आ सकता है ? भारत का कौन सा हिस्सा इसकी चपेट में आ सकता है ? उत्तर : नेपाल में जिस प्रकार भूकंप आया है उसी प्रकार से चाइना के पहाड़ी क्षेत्र या समुद्री किनारे पर भूकंप/सुनामी आ सकता है | जापान, मेक्सिको, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका का तटीय क्षेत्र में भी बड़ा भूकंप/ सुनामी आ सकता है | भारत में बड़ी प्राकृतिक आपदा की सम्भावना कम है जो भी छोटे झटके लगेंगे वह नार्थ-ईस्ट या साउथ-वेस्ट क्षेत्र में लगेंगे | सभी बड़ी त्रासदियों का दिन संभवतः मंगलवार और शनिवार ही रहेगा | प्रश्न : आपने कहा बड़ी जन-हानि होगी तो सभी जन-हानियाँ क्या प्राकृतिक आपदाओं से ही होंगी ? उत्तर : नहीं, प्राकृतिक आपदाओं से ऊपर बताये गए देश पीड़ित होंगे | इसके अलावा धार्मिक उन्माद या आतंकवाद के कारण बड़ी जन-हानि होगी | जिसमें शिया-सुन्नी, ईसाई-मुसलमान या अन्य किसी दो सम्प्रदायों कें बड़ा युद्ध होगा जिसमें परमाणु हथियार तक चल सकते है | इससे अमेरिका, यूरोप, मिडिल ईस्ट और अफ्रीका पीड़ित रहेगा | भारत में भी धार्मिक उन्माद होगा जरुर पर यहाँ कम नुकसान की सम्भावना है | इसकी भी बड़ी घटनाएं मंगलवार या शनिवार को होगी | परन्तु अभी 14 जुलाई तक देवगुरु बृहस्पति का दृष्टि सम्बन्ध शनि देव के साथ है, 14 जुलाई 2015 को देवगुरु के सिंह राशि में प्रवेश के बाद से धार्मिक उन्माद में वृद्धि होगी और बड़ी घटनाएं होगी |पिछले ब्लॉग "अगला भूकंप कब आएगा ? " को आप लोगों का बहुत प्यार मिला, उसके बाद से जो भी भूकंप या भूस्खलन हुआ उन सब का मंगलवार और शनिवार को ही होना यह सिद्ध करता है की ज्योतिष शास्त्र द्वारा किसी भी घटना की जानकारी दी जा सकती है, पर यह भारत की विडम्बना रही है कि इतने बड़े शास्त्र को आज कल अन्धविश्वास के नाम से देखा जाता है | भारतीय लोगों को भारतीय संस्कृति से जुडी हुई विद्याएँ अन्धविश्वास लगने लगी है, अलग अलग लोग इसको अन्धविश्वास और ठगी विद्या बोलने से नहीं कतराते और बाद में वही छुपते छुपाते अपनी कुंडली दिखाने आते है | मेरा सभी भारतीय जनमानस से निवेदन है कि कृपया भारतीय संस्कृति पर उंगली उठाने से पहले उसके बारे में जानकारी कर लें क्योंकि जानकारी लेने के बाद आप उसी संस्कृति पर गर्व करेंगे |
26-मई-2015