रंगीन दुनिया
- 08 September 2012
नक्षत्र- पुनर्वसु,
नक्षत्र देवता- अदिती,
नक्षत्र स्वामी- गुरू,
नक्षत्र आराध्य वृक्ष – बांस,
नक्षत्र पर्यायी वृक्ष- बरगद
नक्षत्र चरणाक्षर- के,को,हा, ही,
नक्षत्र प्राणी- बिल्ली,
नक्षत्र तत्व- वायु,
नक्षत्र स्वभाव- सत्व,
नक्षत्र गण- देव.
जन्म नक्षत्र फल:-
सुखी, सुशिल, दमनशील, अल्प मेधावी, रोंगो से पीड़ित , अधिक प्यासा, और अल्प संतोषी ( थोड़ा मिलनेसेहि सतुंष्ट होनेवाला) !
नक्षत्र से जुडी वृत्तियाँ:-
पर्यटन, यात्रा उद्योग, होटल प्रबंधक , व्यापार उद्योग, निर्माण, वास्तुकला, सिविल इंजीनियर्स, वैज्ञानिक, अध्यापक, लेखक, गूढ़ अध्ययन, दार्शनिक, मंत्रि, इतिहासकार, प्राचीन वस्तु का व्यापारि, समाचार पत्र उद्योग, मकान मालिक, अंतरिक्ष यात्री, कोरियर, कारीगर, नवीन आविष्कार, तीरंदाजी, इनको अधिक तर अपने हाथों का उपयोग की आवश्यकता होती है !