कुन्जिका स्तोत्रं
- 14 September 2016
नक्षत्र- पूर्वाषाढा,
नक्षत्र देवता- जल,
नक्षत्र स्वामी- शुक्र,
नक्षत्र आराध्य वृक्ष- वेत,
नक्षत्र पर्याय वृक्ष- गिलोय
नक्षत्र चरणाक्षर- भू,ध,प,ढ.
नक्षत्र प्राणी- वानर,
नक्षत्र तत्व- जल ,
नक्षत्र स्वभाव- रज,
नक्षत्र गण- मनुष्य .
जन्म नक्षत्रफल:-
सुन्दर-सुशिल सदा आनंद में रहनेवाली स्त्री का पति , अर्थात मनचाही पत्नी के साथ रहनेवाला, सम्मानित और अचल स्नेह-दया से परिपूर्ण !
नक्षत्र से जुड़े कार्य:-
नेता, वकील, सार्वजनिक वक्ता, प्रेरक वक्ता, लेखक, अभिनेता, कलाकार, मनोरंजन, कवि, शिक्षक, पर्यटन उद्योग, विदेशी व्यापारि, शिपिंग उद्योग, नौसेना अधिकारी, समुद्री विशेषज्ञ, मत्स्य उद्योग, मनोचिकित्सक, कच्चे माल का उद्योग, पानी और तरल पदार्थ से सम्बंधित व्यवसाय, रिफाइनर, युद्ध रणनीतिकार, कॉस्ट्यूम डिजाइनर, हेयर स्टाइलिस्ट, वैद्यों के लिए करना !